शराब, तंबाकू या ड्रग्स की लत (मदात्यय) मस्तिष्क के रसायनों (Dopamine) को असंतुलित कर देती है और यकृत (Liver), फेफड़ों तथा तंत्रिका तंत्र को पूरी तरह खोखला कर देती है।
What to look for
नशे की तलब न रोक पाना (Craving)
नशा न मिलने पर हाथ-पैर कांपना और घबराहट
लिवर डैमेज, कमजोरी और भूख न लगना
मानसिक चिड़चिड़ापन और स्वभाव में उग्रता
Underlying Triggers
मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) से भागने की कोशिश
दोस्तों या संगत का बुरा प्रभाव
जिज्ञासा या शौक का धीरे-धीरे लत में बदलना
इच्छाशक्ति (Willpower) की भारी कमी
श्री साहब वैद्य जी का 'नशा मुक्ति कोर्स' मस्तिष्क के नर्वस सिस्टम को शांत कर तलब (Craving) को खत्म करता है। पुनर्नवा, कुटकी और कालमेघ जैसी औषधियां डैमेज हो चुके लिवर और फेफड़ों को डिटॉक्स कर नया जीवन देती हैं।