मधुमेह (प्रमेह) आयुर्वेद में वात-कफ प्रधान रोग है, जहां अग्न्याशय (Pancreas) ठीक से काम करना बंद कर देता है और इंसुलिन न बनने से खून में शर्करा का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाता है।
What to look for
बार-बार अधिक मात्रा में पेशाब आना
अत्यधिक प्यास और भूख लगना
शरीर में हमेशा थकान और भारीपन
घाव या चोट का जल्दी न भरना और आंखों की रोशनी कम होना
Underlying Triggers
अत्यधिक मीठे, वसायुक्त और भारी भोजन का सेवन
शारीरिक श्रम (व्यायाम) का पूरी तरह अभाव
अत्यधिक मानसिक तनाव
अनुवांशिक (Genetic) कारण और मोटापा
हमारी चिकित्सा अग्न्याशय (Pancreas) को प्राकृतिक रूप से पुनः सक्रिय करने पर केंद्रित है। विजयसार, जामुन बीज, गुड़मार और करेला जैसी दुर्लभ औषधियों का अर्क रक्त शर्करा को बिना किसी दुष्प्रभाव के जड़ से नियंत्रित करता है।