आयुर्वेद में एक्जिमा को 'विर्चचिका' कहा जाता है। यह मुख्य रूप से पित्त और कफ दोष के दूषित होने और रक्त (खून) में अशुद्धि के कारण त्वचा पर उभरता है।
What to look for
त्वचा पर अत्यधिक खुजली और जलन
त्वचा का लाल होना और पपड़ी उतरना
खुजलाते समय पानी या खून निकलना
त्वचा का रूखा और कठोर हो जाना
Underlying Triggers
विरुद्ध आहार (जैसे मछली के साथ दूध खाना)
अत्यधिक मसालेदार और अम्लीय भोजन
कब्ज और शरीर में विषाक्त पदार्थों का जमाव
तनाव और अनुवांशिक कारण
रक्त शोधक (खून साफ करने वाली) जड़ी-बूटियां जैसे नीम, सारिवा, मंजिष्ठा और खदिर का प्रयोग किया जाता है। साथ ही रक्तमोक्षण और विषनाशक लेप से त्वचा को बाहर से ठीक किया जाता है।