आयुर्वेद में बालों का झड़ना (खालित्य) बढ़ा हुआ पित्त और वात दोष का परिणाम है, जो शरीर के बालों की जड़ों (केश्य) को कमजोर और रूखा बना देता है।
What to look for
कंघी करते या नहाते समय गुच्छों में बाल टूटना
सिर के बालों का असामान्य रूप से पतला होना
गंजापन उभरना (Patchy Hair Loss)
स्कैल्प पर अत्यधिक रूसी (Dandruff) और खुजली
Underlying Triggers
अत्यधिक तनाव और चिंता
अनियमित आहार और पोषक तत्वों (आयरन, प्रोटीन) की कमी
हार्मोनल असंतुलन (PCOD/Thyroid)
केमिकल युक्त शैंपू और रंगों का अत्यधिक प्रयोग
भृंगराज, आंवला, ब्राह्मी और जटामांसी से सिद्ध तेलों का शिरोभ्यंग (सिर की मालिश) किया जाता है। शरीर के अंदर पित्त को शांत करने के लिए रक्त-शोधक जड़ी-बूटियां दी जाती हैं जिससे बालों की जड़ों को नया जीवन मिलता है।