गृध्रसी (सायटिका) वात दोष के प्रकुपित होने के कारण होने वाला रोग है। इसमें दर्द कमर से शुरू होकर पैरों की उंगलियों तक एक बिजली के झटके की तरह जाता है।
What to look for
कमर से लेकर पैरों के नीचे तक तेज दर्द
पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी
चलने या खड़े रहने में कठिनाई
पैरों में कमजोरी महसूस होना
Underlying Triggers
रीढ़ की हड्डी (स्लिप डिस्क) में नस का दबना
भारी वजन गलत तरीके से उठाना
लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठना
अत्यधिक शारीरिक श्रम से वात का बढ़ना
गृध्रसी के उपचार में कटि बस्ती, पत्र पिंड स्वेद और स्नेहन-स्वेदन जैसी पंचकर्म विधियों का प्रयोग किया जाता है। तंत्रिका (नर्व) की ताकत बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और दशमूल का उपयोग होता है।