टी०बी० (यक्ष्मा या राजयक्ष्मा) फेफड़ों का एक गंभीर और संक्रामक बैक्टीरियल रोग है। आयुर्वेद इसे 'रोगों का राजा' कहता है क्योंकि यह शरीर के सातों धातुओं (रस से लेकर शुक्र तक) को नष्ट कर देता है।
What to look for
तीन सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी
खांसी के साथ बलगम या खून आना
रात में अत्यधिक पसीना आना और बुखार
वजन में तेजी से गिरावट और सीने में दर्द
Underlying Triggers
माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया का संक्रमण
संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से
इम्यूनिटी सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) का बहुत कमजोर होना
लगातार गंदगी और कुपोषण
आधुनिक दवाइयों के साथ-साथ आयुर्वेदिक स्वर्ण व वसंत कुसुमाकर रस जैसी 'रसायन चिकित्सा' दी जाती है जो नष्ट हो रहे फेफड़ों की मरम्मत करती है और शरीर को रोग से लड़ने की अपार शक्ति देती है।