श्वेत कुष्ठ (ल्युकोडर्मा) या सफेद दाग त्वचा में रंजक (मेलेनिन) की कमी के कारण होता है। आयुर्वेद इसे 'श्वित्र' कहता है, जो भयंकर पित्त असंतुलन और रक्त-मांस धातु की अशुद्धि का परिणाम है।
What to look for
त्वचा पर दर्द रहित सफेद धब्बे उभरना
धब्बों का आकार धीरे-धीरे बढ़ना
शरीर के रोएं (बालों) का भी सफेद हो जाना
तेज धूप में धब्बों पर हल्की जलन महसूस होना
Underlying Triggers
विरुद्ध आहार का लंबे समय तक सेवन
लीवर की कमजोरी या विकार
ऑटोइम्यून समस्या (जहां शरीर खुद के सेल्स नष्ट करता है)
पाचन तंत्र की भारी गड़बड़ी और मानसिक तनाव
चिकित्सा में बाकुची (Babchi) जैसी अचूक औषधियों का लेप और सेवन, तथा सूर्य किरण चिकित्सा (Sun therapy) शामिल है। हम लिवर को डिटॉक्स करने और धातु पोषण पर काम करते हैं। इसमें कुछ समय लगता है परंतु आयुर्वेदिक इलाज सबसे सुरक्षित है।